अपने हालात से
समझौता किये जाता हूँ
फ़ना होता हूँ हर एक लम्हा मैं
हर एक लम्हा मैं जिए जाता हूँ
ग़ुम हो जाता हूँ मैं
अपनी ही तनहाइयों मेंऔर तनहाइयों में ही
सुकूँ पाता हूँ
फ़ना होता हूँ हर एक लम्हा मैं
हर एक लम्हा मैं जिए जाता हूँ
छोड़ बैठा हूँ मैं
उम्मीद एक उजाले कीअब अंधेरों में ही
गुनगुनाता हूँ
फ़ना होता हूँ हर एक लम्हा मैं
हर एक लम्हा मैं जिए जाता हूँ
मुंबई, ३० सितम्बर २०११
Very Nice Hemant...
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