Thursday, September 22, 2011

जीवन का अर्थ

जीवन का अर्थ -
जीवन को खोजने में नहीं ,
जीवन को जीने में है !

जीवन का अर्थ -
एक एहसास है, 
जो 
महसूस ही किया जा सकता है -
समझा नहीं जाता है इसको !

जीवन का अर्थ -
जादुई होता है हकीकत में !
बस
एक शब्द में भी समां जाए जो
और हजारों हज़ार ग्रंथो में 
भी जो न आ पाए !


जीवन का अर्थ -
कोई सिखा नहीं सकता तुम्हे,
इसे 
खुद जियो, समझो, जानो -
जैसे तुम समझना चाहो...

जीवन का अर्थ -
महसूस करना आसाँ है कितना !
देखो
एक हँसते हुए बच्चे को-
कितने अच्छे से वो जानता है 
जीवन का अर्थ !! 

मुंबई, २२ सितम्बर २०११ 








Sunday, September 18, 2011

ठहराव

एक ठहराव सा है
जीवन में -
सब कुछ
रुका रुका सा ;
इंतज़ार-सा करता हुआ किसी का....
पता नहीं किसका !
पता नहीं क्यूँ
रुका रुका सा है सब...
दिन गुज़रते हैं
मुश्किल से;
मुश्किल से 
वक़्त गुज़रता है -
वक़्त का तेज़ पहिया भी
धीरे धीरे चलता है .
न उम्मीद कोई
न तमन्ना ही रही
"चलने दो जैसे
जिसे जो चलता है"
एक ठहराव सा है
जीवन में -
सब कुछ
रुका रुका सा....

मुंबई, १८ सितम्बर २०११ 

Saturday, September 17, 2011

वन्दना

नमस्काराये श्री गुरुदेवोः 
नमस्कारये आत्मदेवयो
नमस्कारये श्रीमन्न ब्रह्मदेवो
सर्व नमस्कारये नमो नमः

मुझे नहीं पता की इस "वन्दना" की संस्कृत किस हद तक सही है - मैंने कभी संस्कृत ही औपचारिक शिक्षा नह ली है. ये शब्द आज पूजा करते हुए मेरे अन्दर से निकले (जैसे मेरी अधिकाँश कवितायें निकलती हैं) और मैं उन शब्दों को ही यहाँ उस रूप में प्रस्तुत कर रहा हूँ, जैसे वे मेरे अन्दर प्रकट हुए.
किंचित, वेद के मंत्र-दृष्टा ऋषियों को भी इसी प्रकार मंत्र प्रकट हुए होंगे !!

- हेमंत शर्मा
मुंबई, १७ सितम्बर २०११