Sunday, August 07, 2011

मित्रता दिवस पर

एक ही दिवस नहीं होता है
मित्रता दर्शाने का -
मित्रता तो नाम है
जीवन भर साथ निभाने का

एक दिन ही बस बतला दो
की "हम और तुम तो दोस्त रहे"
और कभी न मुड के देखो
कौन कहीं, कहीं कौन रहे !
नाम नहीं है ये तो ऐसे
अपना जी बहलाने का - 
मित्रता तो नाम है 
जीवनभर साथ निभाने का 

मित्र जिसे जब भी जो  पुकारो
भाव समर्पण का रखना
सम्बन्धी वो नहीं तुम्हारा
लेकिन फिर भी है अपना !
छोड़ चले जब सब जग तुमको
काम मित्र ही आने का -
मित्रता तो नाम है 
जीवनभर साथ निभाने का 

मुंबई, "मित्रता दिवस"
०७ अगस्त २०११