Saturday, June 25, 2011

विदाई के पल


विदाई के पल    
कभी   अंतिम   नहीं   होते  

विदाई के पल  
हमें   बताते   हैं  
कि   
मिलना   है  हमें   एक बार   फिर  - से  
कहीं   किसी   और   मोड़ पे
एक दूसरे से  

विदाई के पल 
कहते  हैं  ये  हम से 
कि 
रुक  न  जाना  राह  में कहीं 
चलते  रहना  
एक नई  मंजिल  की  ओर 

विदाई के पल 
ये  भी  बतलाते  हैं 
कि
"जीवन में  आते  रहेंगे हम
हर नयी मंजिल के साथ 
नए  साथियों  को  ले  कर "

विदाई के पल 
जाते  जाते  भी 
हमें  कितना  कुछ  दे  जाते  हैं  
हाँ , विदाई के पल  कभी  अंतिम  नहीं  होते 


पुणे , २४ .०६ .२०११

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