Saturday, May 07, 2011

सगाई

नूतन दिवस, नए सब सपने 
नया नया सा सब कुछ
बीत गयी हर बात पुरानी
नहीं पुराना अब कुछ 

नए नए सब रिश्ते सारे
नयी नयी शुरुआत
सदा रहे अब हाथ में तेरे
प्रेयसी, प्रिय का हाथ 

हैं प्रसन्न-चित्त  पिता औ माता
खुश है  मित्र औ भाई 
बहुत बहुत हो शुभ तुम को ये  
मुझ से आज  सगाई