इस जग-जगती के प्राणों में ,
हो बस तेरा आधार , हरे !
इस सकल जगत की क्रीडा में ,
होवे लीला विस्तार , हरे !!
हो लक्ष्य यही इस जीवन का -
पावें तुझको साकार , हरे !
इतनी तू कृपा कर दे , भगवन ,
रहे ह्रदय में तेरा प्यार , हरे !!
३० .०६ .०६
दोपहर
gud one.............
ReplyDeleteAwesome!!!!!
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